Government Ask Importers Of Palm Oil To Buy It From Indonesia Rather Than Malaysia – मलयेशिया नहीं, इंडोनेशिया से खरीदें पाम तेल, सरकार ने दी अनौपचारिक हिदायत

0
11

ख़बर सुनें

भारत सरकार ने आयातकों और रिफाइनरियों को अनौपचारिक रूप से हिदायत दी है कि वे मलयेशिया से नहीं बल्कि इंडोनेशिया से अधिक पाम तेल खरीदें। सरकार और उद्योग के सूत्रों का कहना है कि मलयेशिया की ओर से देश के नए नागरिकता कानून और कश्मीर मामले में दिए गए बयानों के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।

वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को खाद्य तेल उद्योग के हितधारकों से इस संबंध में विस्तृत बातचीत की। साथ ही अनौपचारिक रूप से कहा कि वे मलयेशिया से पाम तेल का आयात करने से बचें। भारत दुनिया में वनस्पति तेल का सबसे बड़ा आयातक है। वह सालाना करीब 1.5 करोड़ टन वनस्पति तेल खरीदता है।

इसमें पाम तेल की हिस्सेदारी 90 लाख टन है, जबकि सोयाबीन एवं सनफ्लावर तेल की हिस्सेदारी 60 लाख टन है। सूत्रों ने बताया, ‘भारत 30 फीसदी पाम तेल मलयेशिया से और 70 फीसदी इंडोनेशिया से आयात करता है। मलयेशिया के मुकाबले इंडोनेशिया कहीं ज्यादा पाम तेल का उत्पादन करता है।

ऐसे में हमारे रिफाइनर्स इंडोनेशिया से पाम तेल का आयात कर सकते हैं।’ मलयेशिया सालाना 1.9 करोड़ टन पाम तेल का उत्पादन करता है, जबकि इंडोनेशिया में यह आंकड़ा 4.3 करोड़ टन है।  

नहीं चुकानी पड़ेगी अतिरिक्त कीमत

इंडोनेशिया और मलयेशिया दो ऐसे देश हैं, जो पाम तेल की आपूर्ति करते हैं। अगर भारत में सिर्फ इंडोनेशिया से पाम तेल का आयात किया जाएगा तो इसके लिए कोई अतिरिक्त कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी क्योंकि दोनों देशों में तेल की कीमतें बराबर हैं।

उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कीमतों में समानता की वजह से रिफाइनर्स को इंडोनेशिया से पाम तेल आयात करने में कोई परेशानी नहीं आएगी। ऐसे में रिफाइनर्स को जोखिम लेने का कोई मतलब नहीं है, जब सरकार ने अनौपचारिक रूप से मलयेशिया से आयात नहीं करने की हिदायत दी है। घरेलू आपूर्ति में तेजी लाने के लिए भारत पाम तेल के अलावा सोयाबीन और सनफ्लावर तेल के आयात बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

भारत सरकार ने आयातकों और रिफाइनरियों को अनौपचारिक रूप से हिदायत दी है कि वे मलयेशिया से नहीं बल्कि इंडोनेशिया से अधिक पाम तेल खरीदें। सरकार और उद्योग के सूत्रों का कहना है कि मलयेशिया की ओर से देश के नए नागरिकता कानून और कश्मीर मामले में दिए गए बयानों के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।

वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को खाद्य तेल उद्योग के हितधारकों से इस संबंध में विस्तृत बातचीत की। साथ ही अनौपचारिक रूप से कहा कि वे मलयेशिया से पाम तेल का आयात करने से बचें। भारत दुनिया में वनस्पति तेल का सबसे बड़ा आयातक है। वह सालाना करीब 1.5 करोड़ टन वनस्पति तेल खरीदता है।

इसमें पाम तेल की हिस्सेदारी 90 लाख टन है, जबकि सोयाबीन एवं सनफ्लावर तेल की हिस्सेदारी 60 लाख टन है। सूत्रों ने बताया, ‘भारत 30 फीसदी पाम तेल मलयेशिया से और 70 फीसदी इंडोनेशिया से आयात करता है। मलयेशिया के मुकाबले इंडोनेशिया कहीं ज्यादा पाम तेल का उत्पादन करता है।

ऐसे में हमारे रिफाइनर्स इंडोनेशिया से पाम तेल का आयात कर सकते हैं।’ मलयेशिया सालाना 1.9 करोड़ टन पाम तेल का उत्पादन करता है, जबकि इंडोनेशिया में यह आंकड़ा 4.3 करोड़ टन है।  

नहीं चुकानी पड़ेगी अतिरिक्त कीमत

इंडोनेशिया और मलयेशिया दो ऐसे देश हैं, जो पाम तेल की आपूर्ति करते हैं। अगर भारत में सिर्फ इंडोनेशिया से पाम तेल का आयात किया जाएगा तो इसके लिए कोई अतिरिक्त कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी क्योंकि दोनों देशों में तेल की कीमतें बराबर हैं।

उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कीमतों में समानता की वजह से रिफाइनर्स को इंडोनेशिया से पाम तेल आयात करने में कोई परेशानी नहीं आएगी। ऐसे में रिफाइनर्स को जोखिम लेने का कोई मतलब नहीं है, जब सरकार ने अनौपचारिक रूप से मलयेशिया से आयात नहीं करने की हिदायत दी है। घरेलू आपूर्ति में तेजी लाने के लिए भारत पाम तेल के अलावा सोयाबीन और सनफ्लावर तेल के आयात बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here