Union Budget 2020 Markets Eye Improved Transparency Says Dbs Report – बजट 2020: पारदर्शिता से जुड़े हो सकते हैं एलान- डीबीएस

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बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 17 Jan 2020 12:21 PM IST

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भारत का वित्तीय बाजार अगले महीने पेश होने वाले आम बजट में पारदर्शिता में सुधार से जुड़े एलानों की उम्मीद कर रहा है। सिंगापुर के बैंकिंग समूह डीबीएस ने बृहस्पतिवार को जारी अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही।

बैंक की शोध रिपोर्ट ‘भारत का बजट पूर्वावलोकन: व्यय बढ़ाओ’ के मुताबिक, राजकोषीय घाटे में किसी भी तरह की कमी से कर्ज बढ़ोतरी नकारात्मक हो सकती है, लेकिन भविष्य में समेकन में बढ़ोतरी के साथ इसमें संतुलन कायम किए जाने की जरूरत है। 

आठ महीनों में राजकोषीय घाटा लक्ष्य से 15 फीसदी ज्यादा 

रिपोर्ट में कहा गया कि राजस्व में कमी के चलते वित्त वर्ष 20 के शुरुआती आठ महीनों में राजकोषीय घाटा लक्ष्य से 15 फीसदी ज्यादा बना हुआ है। समग्र तौर पर देखें तो व्यय बजट रुझान के अनुरूप ही हो रहा है। हालांकि राजकोषीय घाटे में बढ़ोतरी पिछले रुझानों के अनुरूप ही है।

अर्थशास्त्री राधिका राव ने दिया बयान

डीबीएस की अर्थशास्त्री राधिका राव ने कहा कि आम तौर पर साल के तीन चौथाई हिस्से में राजकोषीय स्थिति कमजोर ही रहती है और फिर अंतिम तिमाही में खर्च बढ़ने से इसमें सुधार होता है, साथ ही सीजनल राजस्व में भी इजाफा होता है। हालांकि, राव ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की स्थिति से पता चलता है कि चौथी तिमाही में घाटे में कमी थमना मुश्किल हो सकता है।

गैर कर राजस्व से सरकार को मिलेगा सहारा

सालाना आधार पर नवंबर तक कुल कर राजस्व में 0.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो इससे पिछले दो महीनों में 1.2 फीसदी और 1.5 फीसदी की तुलना में खासी कम है। हालांकि गैर कर राजस्व से सहारा मिलने की खासी उम्मीदें की जा रही हैं। राव ने कहा कि अभी सरकार को आरबीआई से लाभांश (जीडीपी का 0.25 फीसदी), अदालत के आदेश के क्रम में दूरसंचार कंपनियों से आंशिक भुगतान और विनिवेश से राजस्व मिलना है।

भारत का वित्तीय बाजार अगले महीने पेश होने वाले आम बजट में पारदर्शिता में सुधार से जुड़े एलानों की उम्मीद कर रहा है। सिंगापुर के बैंकिंग समूह डीबीएस ने बृहस्पतिवार को जारी अपनी एक रिपोर्ट में यह बात कही।

बैंक की शोध रिपोर्ट ‘भारत का बजट पूर्वावलोकन: व्यय बढ़ाओ’ के मुताबिक, राजकोषीय घाटे में किसी भी तरह की कमी से कर्ज बढ़ोतरी नकारात्मक हो सकती है, लेकिन भविष्य में समेकन में बढ़ोतरी के साथ इसमें संतुलन कायम किए जाने की जरूरत है। 

आठ महीनों में राजकोषीय घाटा लक्ष्य से 15 फीसदी ज्यादा 

रिपोर्ट में कहा गया कि राजस्व में कमी के चलते वित्त वर्ष 20 के शुरुआती आठ महीनों में राजकोषीय घाटा लक्ष्य से 15 फीसदी ज्यादा बना हुआ है। समग्र तौर पर देखें तो व्यय बजट रुझान के अनुरूप ही हो रहा है। हालांकि राजकोषीय घाटे में बढ़ोतरी पिछले रुझानों के अनुरूप ही है।

अर्थशास्त्री राधिका राव ने दिया बयान

डीबीएस की अर्थशास्त्री राधिका राव ने कहा कि आम तौर पर साल के तीन चौथाई हिस्से में राजकोषीय स्थिति कमजोर ही रहती है और फिर अंतिम तिमाही में खर्च बढ़ने से इसमें सुधार होता है, साथ ही सीजनल राजस्व में भी इजाफा होता है। हालांकि, राव ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की स्थिति से पता चलता है कि चौथी तिमाही में घाटे में कमी थमना मुश्किल हो सकता है।

गैर कर राजस्व से सरकार को मिलेगा सहारा

सालाना आधार पर नवंबर तक कुल कर राजस्व में 0.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो इससे पिछले दो महीनों में 1.2 फीसदी और 1.5 फीसदी की तुलना में खासी कम है। हालांकि गैर कर राजस्व से सहारा मिलने की खासी उम्मीदें की जा रही हैं। राव ने कहा कि अभी सरकार को आरबीआई से लाभांश (जीडीपी का 0.25 फीसदी), अदालत के आदेश के क्रम में दूरसंचार कंपनियों से आंशिक भुगतान और विनिवेश से राजस्व मिलना है।

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